यहां पढ़िए आदित्य रॉय, अनिल कपूर और दिशा पाटनी की फिल्म 'मलंग' का मजेदार रिव्यू
आज यानी रोज डे (7 फरवरी) को फिल्म रिलीज हुई मलंग। , , और कुणाल खेमू की फिल्म मैं भी देखकर आया। अपने व्यस्त कार्यक्रम से वक्त निकालकर मैं फिल्म देखने गया था मगर लौटा तो व्यस्त के साथ अस्त-व्यस्त भी हो गया और कुछ हद तक पस्त भी। आखिर क्यों हुई मेरी ऐसी हालत, आइए बताता हूं... - फिल्म में अद्वैत ठाकुर बने लीड ऐक्टर आदित्य रॉय कपूर ने आशिकी-2 वाली ऐक्टिंग की है। पूरी फिल्म में बंदे ने आशिकी-2 की तरह छक के नशा किया है। - फिल्म में बहुत टर्न दिए गए हैं। इतने टर्न कि आखिर तक आते-आते फिल्म एक गोल चक्कर बन जाती है। - यह फिल्म आप पर अंदर तक असर डालती है। फिल्म में नशे को इतना कूल दिखाया गया है कि फिल्म खत्म होने पर आपको लगेगा कि नशा तो आदित्य कपूर ने किया है लेकिन सिर मेरा क्यों चकरा रहा है? - फिल्म का म्यूजिक तो एकदम दमदार है। पूरी फिल्म में आप गानों का ही इंतजार करते रहते हैं। गाने सुनने के लिए नहीं बल्कि गानों में दिशा पाटनी को देखने के लिए। - फिल्म में अनिल कूपर भी हैं जो हर फिल्म के साथ पहले से और छोटे होते जा रहे हैं। वह थोड़े और छोटे लगते दिशा पटानी के छोटे भाई का रोल भी कर सकते थे। जवान दिखने के अलावा फिल्म में वह सिर्फ हंसे हैं। इतना हंसे हैं कि और इतनी ज़ोर से हंसे हैं कि सिद्धू के मुंह से भी निकल जाए, बस कर भाई। इतनी ओवरएक्टिंग क्यों कर रहा है? - फिल्म में जब भी नशा करते दिखाया जाता है तभी नीचे कोने में वॉर्निंग भी लिखी आती है। हालांकि इस वॉर्निंग पर लोग उतना ही ध्यान देते हैं जितना फिल्म में वत्सल सेठ पर दिया गया है। आप कह सकते हैं कि वत्सल सेठ को डायरेक्टर का उतना वात्सल्य नहीं मिला। - फिल्म जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, आप भी एक लेवल ऊपर चलते जाएंगे। पहले हाफ के एंड में आप कहेंगे कि ये क्या हो रहा था? फिर आप कहेंगे कि ये क्यों हो रहा था? और फिल्म ख़त्म होने पर आपको लगेगा कि मेरे साथ ये क्या हो गया। - बिना कुणाल खेमू की बात किए ना फिल्म पूरी होती है और ना ही यह रिव्यू। कुणाल खेमू को लेकर आप खुद दो खेमों में बंट जाएंगे। फिल्म के आखिर तक आप तय नहीं कर पाएंगे कि किसे गरियाएं? फिल्म में ऐक्टिंग करने वाले कुणाल खेमू को या फिल्म में उन्हें कास्ट करने वाले मोहित सूरी को? - फिल्म में गोवा की अलग-अलग खूबसूरत लोकेशन्स को दिखाया गया है और फिल्म ख़त्म होते-होते आप इतना पक जाते हैं कि दिल करता है कि भागकर सीधा गोवा चले जाएं और फिल्म का गम भुलाने के लिए आदित्य कपूर के साथ ही किसी बीच पर दारू पी लें। - बाकी आखिर में, फिल्म सस्पेंस वगैरह ठीक है लेकिन फिल्म में नशे को बहुत कूल दिखाया गया है जो कि गलत है। फिल्म में समझाया गया है कि अपने लिए जीने का मतलब सिर्फ नशा करके मस्ती करना है जो कि नहीं है। फिर भी फिल्म आपको देखनी चाहिए, ऊपर की सारी बातों के लिए नहीं, बल्कि दिशा पाटनी के लिए जो बार-बार दिशाहीन होती इस फिल्म की इकलौती उम्मीद हैं। मूवी रिव्यू : कैसी है आदित्य रॉय कपूर,अनिल कपूर और दिशा की 'मलंग'
from Hindi Jokes | Jokes in Hindi | हिंदी जोक्स, चुटकुले https://ift.tt/39fRlBz
No comments